Categories
Foreign Policy War and Conflict

Sino-Indian Cooperation: Will Oil Companies Show the Way?

(original version in English follows below Hindi text)

दक्षिण चीन सागर में स्प्रेटली और पारासेल द्वीप समूह पर कब्जे को लेकर चीन का अपने पड़ोसियों के साथ झगड़े के इस दौर में जो हलचल मची है उसमें भारत की क्या भूमिका रही है? भारत का मानना है यह विवाद शांतिपूर्ण बातचीत और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सुलझा लिया जाना चाहिए। लेकिन वास्तव में इसमें इसकी भूमिका किसी दर्शक से ज्यादा की है।

भारतीय तेल कंपनियां दक्षिण चीन सागर में 1980 के दशक   के उत्तराद्र्ध से ही सक्रिय रही हैं।

Categories
Foreign Policy War and Conflict

A US-India-China Trilateral? Big Promise but Dim Prospects

(original text in English follows below the Hindi text)

पिछले महीने तीसरे इंडो-यूएस रणनीतिक वार्ता के बाद दक्षिण और मध्य एशिया के लिए अमेरिकी सहायक विदेश मंत्री रॉबर्ट ब्लैक ने कहा, अमेरिका चीन और भारत के साथ एक त्रिपक्षीय वार्ता करना चाहता है ताकि अफगानिस्तान समेत तमाम दूसरे मुद्दों पर मिलकर काम हो सके। हालांकि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय माहौल में यह देखने वाली बात होगी कि इस तरह की त्रिपक्षीय वार्ता की गुंजाइश बनती भी है या नहीं?