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The Ladakh ‘Incursion’: Chinese Actions and Indian Lessons

Originally published as जबिन टी. जैकब, “चीनी घुसपैठ के सबक,” दैनिक जागरण (Dainik Jagran, New Delhi), 29 April 2013, p. 6.

Original English text follows the Hindi text.

पश्चिम क्षेत्र के देपसांग पठार में विवादित चीन-भारत सीमा पर चीनी सैनिकों की घुसपैठ से कुछ गंभीर सवाल उठते हैं। दोनों देशों के बीच विवादित क्षेत्र के बारे में भारतीय व चीनी नीतियां क्या कहती हैं, यह जानना जरूरी है। भारत और चीन के बीच नियंत्रण रेखा की वास्तविक स्थिति बड़ी उलझी हुई है। इस क्षेत्र में चीनी और भारतीय सेना साझा नियंत्रण रेखा पर सहमत नहीं हैं और न ही उन्होंने नक्शों का आदान-प्रदान किया है। इस अस्पष्ट स्थिति में ‘घुसपैठ’ तो होगी ही। इस प्रकार की घुसपैठ आम तौर पर होती रहती है और यह केवल चीन की ओर से ही नहीं, भारत की ओर से भी होती है। कुछ साल पहले तत्कालीन सैन्य प्रमुख जनरल दीपक कपूर ने इस प्रकार की घुसपैठ की स्वीकारोक्ति भी की थी। चीनी अधिकारियों के इस बयान को इसी आलोक में देखा जाना चाहिए कि उन्होंने भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ नहीं की है। जहां तक चीनी पक्ष का संबंध है वे यही मानते हैं कि वे चीनी भूभाग पर हैं।